CM Yogi Noida Visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शनिवार का नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र का दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि हजारों करोड़ रुपये की विकास योजनाओं और औद्योगिक निवेश का बड़ा ऐलान भी साबित हुआ। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के बीच हुए इस दौरे ने पूरे क्षेत्र को नई आर्थिक और प्रशासनिक दिशा देने का संकेत दिया। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के तीन प्रमुख स्थानों पर पहुंचकर विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। नोएडा को नया मुख्यालय CM योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले नोएडा के सेक्टर-96 में बने नए प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया। लगभग ₹390 करोड़ की लागत से तैयार यह सात मंजिला अत्याधुनिक भवन नोएडा अथॉरिटी के कामकाज को एक ही छत के नीचे लाने का काम करेगा। इससे आम लोगों को मकान, प्लॉट, नक्शा पास कराने, जल और अन्य नागरिक सेवाओं से जुड़े कार्यों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। 69 परियोजनाओं की शुरुआत इसके बाद मुख्यमंत्री ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कुल ₹2,478 करोड़ की लागत वाली 69 परियोजनाओं की शुरुआत की गई। इनमें सड़क निर्माण, सीवर नेटवर्क, जलापूर्ति व्यवस्था, शहरी बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरों की जरूरतों को पूरा करना और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है। यमुना सिटी का मेगा प्लान दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना सिटी के सेक्टर-10 में करीब ₹15,023 करोड़ के औद्योगिक निवेश की नींव रखी। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, सोलर उपकरण और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों से जुड़े बड़े विनिर्माण संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से लगभग 10 हजार प्रत्यक्ष रोजगार और हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यमुना क्षेत्र में जिन प्रमुख परियोजनाओं की शुरुआत हुई, उनमें इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, सोलर मॉड्यूल उत्पादन केंद्र और हाईटेक औद्योगिक पार्क शामिल हैं। इन निवेशों को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि एयरपोर्ट के संचालन के बाद निर्यात और लॉजिस्टिक्स गतिविधियां और तेज होंगी। जल संकट का समाधान मुख्यमंत्री ने जलापूर्ति और सीवर व्यवस्था को मजबूत करने वाली परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया। नोएडा में वर्षों से लंबित रेनीवेल-4 जल परियोजना को पुनर्जीवित किया गया, जिससे कई सेक्टरों में पानी की समस्या कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा एक्सप्रेसवे क्षेत्र में नई सीवर लाइनों के निर्माण से जलभराव और सीवर ओवरफ्लो जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। रोजगार का नया दौर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और “जंगलराज की जगह अब मंगलराज” का माहौल बना है। इसी भरोसे के कारण देश-विदेश की बड़ी कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री के इस दौरे में लगभग ₹17,891 करोड़ से अधिक की विकास और निवेश परियोजनाओं को गति मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में शुरू हुई ये योजनाएं आने वाले वर्षों में पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के परिदृश्य को बदल सकती हैं। ये भी पढ़ें: जंगलराज से मंगलराज बना जेवर… CM योगी ने 6,785 करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक्स परियोजनाओं की रखी नींव